

मंगलवार को प्रियंका गांधी की राहुल की गैर मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं के साथ उनके घर पर बैठक के बाद आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी की मुलाकात हुई है।
इस मुलाकात के बाद करीब साढ़े 11 बजे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राहुल गांधी से मिलने उनके घर गईं।
ऐसा बहुत कम ही होता है जब सोनिया खुद राहुल से मिलने के लिए उनके घर जाएं। कांग्रेस में फेरबदल और 17 जनवरी को कांग्रेस कमेटी की बैठक से पहले इसे बेहद अहम माना जा रहा है। 17 जनवरी की बैठक में राहुल को बड़ी जिम्मेदारी देने पर फैसला हो सकता है।
कल प्रियंका गांधी ने दिल्ली में अहमद पटेल, जनार्दन द्विवेदी, जयराम रमेश, मधुसूदन मिस्त्री और अजय माकन के साथ बैठक की।
इस बैठक में 17 जनवरी को एआईसीसी की होने वाली बैठक पर चर्चा हुई थी। सूत्रों की मानें तो प्रियंका गांधी ने पार्टी का वरिष्ठ नेताओं के साथ 2014 के लोकसभा चुनावों की रणनीति, आम आदमी पार्टी और नरेंद्र मोदी पर भी चर्चा की।


अधिकारियों का स्थानांतरण मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर हुआ है जो जल बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड के सेवा आपूर्ति तंत्र को दुरुस्त बनाने के लिए विशिष्ट निर्देश जारी किए थे और इसी के आलोक में ये तबादले किए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा, 'सेवा प्रदान करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आज 800 अधिकारियों के स्थानांतरण का आदेश दिया गया।'
डीजेबी में स्थानांतरण की पहल 28 दिसंबर को केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनने के पश्चात दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ देबाशीष मुखर्जी को हटाये जाने के 10 दिन बाद सामने आई है।
डीजेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'वैसे सभी अधिकारी जो पिछले तीन वषरे से एक ही स्थान पर काम कर रहे थे, उनका स्थानांतरण कर दिया गया है।'
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों का स्थानांतरण का आदेश उसी दिन दिया गया है जिस दिन एक टीवी चैनल के स्टिंग आपरेशन में डीजेबी के तीन अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए दिखाने जाने के बाद निलंबित कर दिया गया।
हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि स्थानांतरण कामकाज को बेहतर बनाने के लिए किया गया है।
डीजेबी के प्रवक्ता ने कहा, 'लोक उपयोग की सेवा को बेहतर बनाने के मकसद से इस दिशा में सतत प्रयास के तहत पहल की जा रही है। दिल्ली जल बोर्ड लगातार सेवाओं एवं व्यवस्था को नियोजित बनाने की दिशा में काम कर रहा है।'
सूत्रों ने कहा कि पानी का समान बंटवारा सरकार की प्राथमिकता है तथा जल आपूर्ति प्रणाली को दुरुस्त बनाने के लिए और कदम उठाए जाएंगे। नगर में टैंकर माफिया के खिलाफ कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


बीजेपी की विदेश शाखा द्वारा आयोजित एक 'वैश्विक सम्मेलन' के समापन समारोह में सोमवार को आडवाणी ने कहा कि अगर हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित किए जाने में देरी की गई होती तो आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव जीत गई होती।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी 32 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही, लेकिन 28 सीटें जीतने वाली 'आप' कांग्रेस के आठ विधायकों के सहयोग से सरकार बनाने में सफल रही।
आडवाणी ने कहा कि अगर हर्षवर्धन को और पहले पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश किया जाता तो आज वह मुख्यमंत्री होते।
उन्होंने कहा कि बीजेपी आगामी लोकसभा चुनाव में देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और देश में पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को लेकर काफी उत्साह का माहौल है।

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