


वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार कांग्रेस के खिलाफ आरोपों की जांच जरूर करेगी।
लीड इंडिया के संवाददाता से खास बातचीत में योगेंद्र यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस को अपना सहयोगी नहीं मानती है। उन्होंने कहा कि हमने कांग्रेस के सहारे नहीं, जनता के सहारे सरकार बनाई है, भले ही हमारी सरकार पहले दिन गिर जाए, लेकिन हम अपने वादों और सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे। उनका कहना है कि बीजेपी और मीडिया उन पर लगातार निगाह रख सकती है।
उधर, केजरीवाल का कहना है कि उन्होंने चुनाव अपने लिए, नहीं बल्कि आम आदमी के लिए लड़ा था, जो भ्रष्टाचार के बोझ से दबा हुआ है। केजरीवाल ने कहा कि वह इस बात को लेकर चिंतित नहीं हैं कि विश्वास मत के दौरान उनकी सरकार बचेगी या गिर जाएगी।
केजरीवाल ने कहा, हमने किसी भी दल से समर्थन नहीं लिया है, लेकिन वे कह रहे हैं कि उन्होंने हमें समर्थन दिया है। हम 18 महत्वपूर्ण मुद्दों और अपने घोषणापत्र में उल्लेख किए गए अन्य वादों के आधार पर अपना विश्वास मत लाएंगे।
केजरीवाल ने कहा, जिन विधायकों को हमारा समर्थन करना है, वे हमें सहयोग देंगे। लेकिन यदि वे सरकार गिराते हैं, तो दुबारा चुनाव होंगे और हम उसके लिए तैयार हैं।


BJP के सांसद रविशंकर प्रसाद, जेपी नड्डा, भूपिंदर यादव, अर्जुन मेघवाल और राजेंद्र अग्रवाल ने वसुंधरा को इस संदर्भ में पत्र लिखकर आग्रह किया है। जांच की मांग बीकानेर में वाड्रा की कंपनियों के भूमि सौदों को लेकर की गई है।
भाजपा ने अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री रहते हुए भी इस मामले को उठाया था। इस पत्र में कहा गया है, 'राजस्थान में भूमि चकबंदी अधिनियम है और जब कोई आम व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ प्रशासन की तरफ से कार्रवाई होती है।
वाड्रा और उनकी कपंनियों ने इस अधिनियम का खुलकर उल्लंघन किया है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने इसको नजरअंदाज किया। इस मामले में पारदर्शी जांच की जरूरत है।'
सांसदों ने कहा, 'अधिकारियों ने तत्कालीन राजस्थान सरकार के कहने पर अपने पद का दुरुपयोग किया ताकि वाड्रा और उनकी कंपनियां भूमि खरीद सकें। जिस तरह से भूमि खरीदी गई और उसका बैनामा हुआ, उसकी जांच की जरूरत है।'
पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा इसी तरह से हरियाणा में वाड्रा के भूमि सौदे के मुद्दे को उठा सकती है।



केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि यह कहना गलत होगा कि दिल्ली विधानसभा में 28 सीटें जीतने के बाद उपराज्यपाल द्वारा सरकार बनाने के लिए निमंत्रण मिलने के बावजूद उनकी पार्टी सरकार बनाने से पीछे हट रही है।
केजरीवाल ने कहा, "हमने अपने घोषणापत्र में जितने वादे किए हैं, हम वह सब पूरा करेंगे। हमने अपना घोषणापत्र वृहद परामर्श और काफी विचार-विमर्श के बाद तैयार किया है।"
केजरीवाल ने आगे कहा, "इसके अलावा, दिल्ली की जनता की हमसे बहुत अधिका अपेक्षाएं हैं, और हम उन्हें पूरा करके दिखाएंगे।"उन्होंने ने बताया कि पार्टी शहर के हर हिस्से में बैठकें कर रही है।
अरविंद ने बताया कि "लोगों की राय प्राप्त कर लेने के बाद ही हम सोमवार को इस संबंध में अगली घोषणा करेंगे। भारत में यह सब पहली बार हो रहा है। इससे पहले आम आदमी की भूमिका सिर्फ मतदान तक सीमित थी। लेकिन हम उनके साथ खड़े होकर उन्हें शक्तिसंपन्न बनाने जा रहे हैं।"

![]()

![]()