

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस सांसदों के साथ बैठक में कहा कि हमें लोगों से ऐसे वादे नहीं करने चाहिए, जो पूरे न हो सकें। प्रधानमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा है कि हमें ऐसे दलों द्वारा किए जा रहे अव्यावहारिक वादे नहीं करने चाहिए।
इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं, जिन्होंने हाल के विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली करारी हार से अपने सांसदों को मायूस या निराश न होने का कहा है। सोनिया गांधी ने कांग्रेस सांसदों को पूरे मन से लोकसभा चुनावों की तैयारी करने को कहा है।
सोनिया ने कहा कि हमने काफी काम किया, लेकिन अपनी उपलब्धियों का उचित तरीके से प्रचार नहीं कर पाने के कारण हम विधानसभा चुनाव हार गए।



अमेरिकी विदेश विभाग की उप-प्रवक्ता मैरी हर्फ ने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमने उच्च स्तर पर भारत सरकार को अपनी उम्मीदों से अवगत कराया है कि भारत विएना संधि के तहत राजनयिक संबंधों तथा वाणिज्य दूत संबंधों को लेकर अपने सभी दायित्वों को निभाना जारी रखे।
हर्फ ने कहा, हम भारत के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम करते रहेंगे कि हमारे राजनयिकों और वाणिज्य दूत अधिकारियों को पूर्ण अधिकार और सुरक्षा मुहैया हो।
हमारे प्रतिष्ठानों की रक्षा सुरक्षा हो..हम इस पर भारतीयों के साथ काम करते रहेंगे। वह देवयानी खोबरागडे के साथ कथित अमानवीय व्यवहार को लेकर भारत द्वारा अमेरिकी राजनयिकों के कुछ विशेषाधिकार छीने जाने के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रही थीं।
हर्फ ने दावा किया कि भारत सरकार को सितंबर में खोबरागडे के खिलाफ वीजा फर्जीवाड़े के आरोपों के बारे में सूचित कर दिया गया था।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, विदेश विभाग ने भारतीय दूतावास को सितंबर में एक भारतीय नागरिक द्वारा न्यूयॉर्क में तैनात भारत की उप-महावाणिज्य दूत के बारे में लगाए गए आरोपों के बारे में लिखित में सूचित कर दिया था। हर्फ ने कहा कि अमेरिका अपने प्रतिष्ठानों की उचित सुरक्षा के लिए भारत सरकार के साथ बातचीत जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी इस मुद्दे पर भारतीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।
वहीं देवयानी के वकील डेनियल एन अर्शहाक ने कहा, अपने राजनयिक दर्जे के कारण डॉ देवयानी को मुकदमे से छूट मिली हुई है। उन्होंने कहा, यह पूरा अभियोजन फैसले में बेहद गंभीर भूल को दर्शाता है और यह अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल की शर्मनाक असफलता है।
उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि मामले को जल्द राजनयिक और भारतीय तथा अमेरिकी सरकार के उच्चतर स्तर के प्राधिकार द्वारा हल कर लिया जाएगा और एक गलत अभियोजन जारी रखना हमारे देशों के बीच आपसी हितों के लिए ठीक नहीं होगा।
अमेरिकी प्रशासन की ओर खोब्रागडे के साथ हुए सलूक पर अर्शहाक ने कहा कि उनकी बेटी के स्कूल के सामने सड़क पर गिरफ्तारी और कपड़े उतारकर तलाशी लेने की कोई वजह ही नहीं है।



इधर, भारतीय राजनयिक के साथ न्यूयॉर्क में हुए गलत व्यवहार के विरोध में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया है।
इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और बीजेपी नेता नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के दल से मिलने से इनकार कर दिया था। इससे पहले वाशिंगटन में भारतीय दूतावास ने भी अपना विरोध दर्ज कराया था।
दरअसल, न्यूयॉर्क में तैनात भारतीय काउंसलेट की अधिकारी देवयानी खोबरागडे को अपनी नौकरानी के वीजा के लिए फर्जी दस्तावेज देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जिस तरह से उनकी गिरफ्तारी की गई थी उस पर भारत सरकार ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
इससे पहले खबरें आई थीं कि अमेरिका के न्यूयॉर्क में भारतीय राजनयिक देवयानी खोब्रागडे की गिरफ्तारी के समय कड़ी तलाशी (कपड़े उतारकर) ली गई थी और उसे नशेड़ियों के साथ जेल में रखा गया था।

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