Tuesday, 01 September 2026
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मरीज की मौत पर हिमकेयर फिर सवालों में

शिमला/शैल। पालमपुर में पैसों के अभाव और समय पर इलाज न मिलने से एक मरीज की मौत के मामले पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह विधायक विपिन सिंह परमार ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मरीज को समय पर हिमकेयर योजना का लाभ मिलता और निजी अस्पताल में कैशलेस उपचार उपलब्ध होता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। परमार ने कहा, ‘यह मृत्यु नहीं, सरकार द्वारा की गई हत्या है।’
शिमला में मीडिया से बातचीत में परमार ने कहा कि 50 हजार या डेढ़ लाख रुपये जैसी राशि के अभाव में किसी व्यक्ति की मौत होना सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हिमकेयर और सहारा जैसी योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेष के कारण इन्हें प्रभावी रूप से बंद कर दिया।
परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर स्वास्थ्य क्षेत्र में हाई-एंड सुविधाएं शुरू करने के दावे कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर गरीब मरीजों को इलाज के लिए पैसे जुटाने पड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हिमकेयर का लाभ न मिलने से प्रदेश में अनेक परिवार परेशान हैं।
उन्होंने सरकार पर सरकारी रिकॉर्ड में जीवित लोगों को मृत घोषित किए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया। परमार ने कहा कि यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल हिमकेयर और सहारा योजनाओं को प्रभावी रूप से बहाल करने की मांग की।
परमार ने चेतावनी दी कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर हिमकेयर योजना पूरी प्रतिबद्धता के साथ फिर शुरू की जाएगी, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी जरूरतमंद की इलाज के अभाव में मौत न हो।

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